Congress में टूट की आहट? NDA की नज़र, विधायकों की खामोशी से बढ़ी हलचल

Ajay Gupta
Ajay Gupta

बिहार की राजनीति में एक बार फिर उलटफेर की आहट सुनाई दे रही है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि Bihar Congress के भीतर सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा, और पार्टी नेतृत्व को MLA टूटने का डर सता रहा है।

हालिया संकेत तब और तेज़ हो गए जब पटना स्थित Congress office में बुलाई गई ‘MNREGA Bachao Andolan’ की रणनीतिक बैठक में कुल 6 में से 3 विधायक नदारद रहे।

Absent MLAs, Loud Silence

MLAs की गैरमौजूदगी के बावजूद Congress ने आधिकारिक तौर पर “All Is Well” का राग अलापा है।
लेकिन सियासत में माना जाता है— जहां सफाई ज़्यादा दी जाए, वहां सवाल पहले से मौजूद होते हैं।

सूत्रों का दावा है कि Congress के कुछ विधायक सत्ताधारी NDA खेमे के संपर्क में हैं। हालांकि कोई भी बड़ा नेता इसे खुले तौर पर स्वीकार करने को तैयार नहीं।

Unrest Inside: नाराज़गी, उपेक्षा और NDA Signals

बिहार विधानसभा के मौजूदा गणित में Congress के पास 19 विधायक हैं — जो महागठबंधन के लिए अहम माने जाते हैं।

लेकिन अंदरखाने चर्चा है कि एक गुट प्रदेश नेतृत्व की कार्यशैली से नाराज़ है। INDIA Bloc में खुद को ignored महसूस कर रहा है। NDA की तरफ़ से मिल रहे “political signals” ने असंतोष को और हवा दी है।

कयास लगाए जा रहे हैं कि 5 से 7 विधायक पाला बदलने की सोच में हो सकते हैं।

Resort Politics फिर से?

राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि टूट की आशंका बढ़ी तो Congress अपने विधायकों को “safe locations” — जैसे Hyderabad या Bengaluru में शिफ्ट कर सकती है।

Indian politics में ideology बदलती है, location नहीं — resort वही रहता है।

NDA का Masterplan: Mission Bihar

BJP-JDU गठबंधन यानी NDA लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी खेमे को कमजोर करने की रणनीति पर काम कर रहा है।

Political experts मानते हैं कि अगर Congress में टूट होती है, तो Mahagathbandhan कमजोर होगा। Opposition unity के दावे हिलेंगे NDA को psychological edge मिलेगा।

इसीलिए Congress के senior leaders को damage control mode में लगाया गया है।

Anti-Defection Law: सबसे बड़ा रोड़ा

हालांकि पाला बदलना इतना आसान भी नहीं है। Anti-Defection Law के तहत पार्टी तोड़ने के लिए 2/3 MLAs जरूरी। Bihar Congress में 19 विधायक हैं यानी कम से कम 13 विधायकों का साथ चाहिए। इससे कम संख्या में अलग होने पर MLAs की सदस्यता खतरे में पड़ सकती है

High Command की अग्निपरीक्षा

अब Congress आलाकमान के सामने असली चुनौती है नाराज़ विधायकों को मनाना, संवाद बढ़ाना और संगठन को एकजुट रखना राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अगर वक्त रहते असंतोष नहीं संभाला गया, तो बिहार में एक बार फिर “Aaya Ram, Gaya Ram” का नया संस्करण दिख सकता है।

NDA vs Congress: आरोप-प्रत्यारोप

NDA नेताओं का कहना है — “हम किसी को तोड़ नहीं रहे। Opposition के नेता खुद अपनी पार्टियों में घुटन महसूस कर रहे हैं।” वहीं Congress इसे BJP की ‘लोकतंत्र विरोधी साजिश’ करार दे रही है।

Bihar politics फिर एक बार quiet surface, storm inside वाली स्थिति में है।

दीवार अभी गिरी नहीं है, लेकिन दरारें साफ़ दिख रही हैं।

अब देखना यह है कि Congress अपनी राजनीतिक दीवार बचा पाती है या NDA इसमें सेंध लगाने में कामयाब होता है।

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